"सरहदों से परे दो आत्माओं का मिलन"




ग्रीस का वह तलाकशुदा फौजी जुईस का अफेयर था,, तुर्की कि विधवा नर्तकी रोईजिया के साथ,, जुईस का वह सबसे पसंदीदा रखेल थी।। अनंत यौवना।। वाह क्या यौवन!! रोईजिया अक्सर जुईस को देखकर अपने यौनांग का पानी छोड़ दिया करती थी।। 

जब रोईजिया को तुर्की से अपहरण करके ग्रीस कि सैन्य शिविर में बेच दिया गया,, तो जुईस के मन में उसके लिए मोह जाग गया और उसने रोईजिया को खरीद लिया।। रोज रात को रोईजिया का कोमल शरीर को नोंच लेता था जुईस।। और युद्ध कि सारी थकान मिट चुका था उसका।। 

रोईजिया को जुईस के द्वारा रेप और प्यार दोनों ही मजेदार था।। परन्तु वह कहाँ इतना सरल था।। 

जुईस आकर रोईजिया को नदी के किनारे पकड़ लिया और उसको वक्ष के कपड़े को फाड़ दिया।। और उसके दोनों स्तनों से खेलने लगा।। कई सारे लोगों ने देख भी लिया दोनों को,, पर जुईस मानने वालों में से नहीं था।। रोईजिया उसकी निजी संपत्ति थी।। वह जो चाहे वह कर लेता है🙏

रोईजिया आनंदित होकर नीचे बैठ गई,, और जुईस का लिंग अपने मुंह में लैकर प्यार करने लगी।। जुईस ने पहली बार का सारा वीर्य और पेशाब रोईजिया के मुहं में ही छोड़ दिया,, उफ!!युद्धों का थकान और कितने देर तक लेकर रहेगा वह,, कभी तो थकान को मिटाना ही था।। रोईजिया ने जुईस को अपना भगवान समझा और भगवान कि सेवा में लीन हो गई।। 

फिर दोनों टेंट में चले गए और जुईस उस पर टुट पड़ा भुखे भेड़िये कि तरह और घपाघप उसके योनि में अपना लिंग अंदर बाहर करने लगा।। क्या अद्भुत लीला है यह रोईजिया के भगवान का सुंदर लीला है यह।। कितनी अच्छी है दिखने में।। रोईजिया के लिए वह भगवान और रोईजिया उनके लिए प्यारी दासी रखेल।। फिर भी पत्नी से ऊपर थी वह।। क्योंकि जुईस के लिए वही पत्नी, वही रखेल और वही प्रेमिका थी।। 

जुईस ने उसको कभी भी तुर्की लौटने नहीं दिया,, वह अपने घर में ही उसको कैद कर दिया।। हा कभी कभार उसको बेल्ट से मारकर अपना मन बहला लेता,, जब वह तुर्की आने कि जिद करती तो।। रोईजिया को बालो में गुलाब देकर और मुहं में चाकलेट डालकर अभी भी जुईस उसके मुहं में अपने लिंग का सारा वीर्य भर देता और वह रोईजिया अपने मुल्क को तुरंत भुल जाती।। 


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