जुर्म के खिलाफ आवाज महिला नवी नाकायामा मिकी
जापान कि अकिनोवा शहर में एक शाम भोजन सुंदरी के नाम।। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय था।।
शाम कि रंगीन नजारे पर जापानी सैनिकों के हृदय में हवस का प्यास,, अब क्या ही बताएं दुनिया।। जैसे यहा पर नंगी युवतियों के अलावा अब कुछ बचा ही नहीं।। रजनीश ओशो भी सही कहते हैं कि जिसमें अधिक कामवासना होती है,, अंततः वही सबसे बड़ा बुद्धिमान होते हैं।।
जापानी लोगों कि बुद्धिमानी के काले राज अक्सर,, यही होने चाहिए तथ्य अनुसार कि वे लोग आज भी शिंटो परंपरा के अनुसार, किसी होटल या रेस्टोरेंट में डाइनिंग टेबल पर नंगी युवतियों के ऊपर भोजन रखकर उसका आनंद लेने के साथ ही युवती का यौन शोषण तक कर लेते हैं,, इसलिए जापान टेक्नोलॉजी में आज दुनिया में सबसे आगे है।।
खैर बात आती है कि उस दौर कि जहाँ जापानी सैनिक भोजन का आनंद ले रहे थे,, एकदम विकृत रूप में वीभत्स तरीके से।।
एक राह चलती युवती निकोमी अपनी बीमार मा कि दवाई लेने जा रही थी,, सैनिकों ने उसको पकड़ लिया नंगा करके नहलाया गया शिंटो परंपरा के अनुसार पुजा करके उस युवती के नंगी शरीर पर भोजन रखकर आनंद लेने में ही कई घंटे गुजार दिए।। वर्षों यह जुर्म वैसे ही चलने लगा।
वर्षों चलता रहा महिलाओं पर यह जुर्म,, परन्तु फिर वह समय आया एक महिला नवी या कहें पैगंबर या अवतार उनका जन्म हुआ।।
नाकायामा मिकी , जिन्होंने टेनरिक्यो धर्म का नीवं रखा,, जो एकेश्वरवादी धर्म को मानता है 🙏, जो केवल एक ही खुदा को मानता है🙏।।
फिर महिलाओं पर जुर्म भी कम होने लगा,, सभी जापानी शासक एवं सैनिकों ने नाकायामा मिकी के आगे नतमस्तक हो गए,, नाकायामा मिकी वह योद्धा जिन्होंने यह साबित किया कि महिला भी एक नई समुह या नया पंथ या नया धर्म का नीवं रख सकती है🙏।।
(परन्तु मै यह बात क्यों कर रही 🙏? कही ऐसा तो नहीं कि 🇮🇳भारतीय सैनिक भी एक महिला नवी से डरते होंगे शायद तभी तो वह होने वाले महिला नवी पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कैद करने कि धमकियाँ दे रहे हैं या फिर शादी का लालस दिखा रहे हैं,।। परन्तु गलत तो गलत ही होता है🙏,, जुर्म तो जुर्म ही होता है,, चाहे जुर्म करने वाला सैनिक हो या मंत्री हो या विधायक।।)